सीएम धामी का ऐतिहासिक कदम: ₹185 करोड़ की लागत से बन रहे 'शारदा कॉरिडोर' के पहले चरण का शुभारंभ!

उत्तराखंड, टनकपुर। देवभूमि उत्तराखंड के विकास और आस्था को नई ऊँचाई देने के लिए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जिले के टनकपुर में शारदा कॉरिडोर परियोजना के पहले चरण का ऐतिहासिक शुभारंभ किया। 

यह महत्वाकांक्षी परियोजना ₹185.20 करोड़ की लागत से बन रही है, जिसे मुख्यमंत्री ने "आस्था, सांस्कृतिक, धरोहर और सतत विकास का केंद्र" बताया है।

✨ आस्था, धरोहर और विकास का संगम: शारदा कॉरिडोर
शारदा घाट, टनकपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में सीएम धामी ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के पहले चरण की शुरुआत की।

परियोजना का उद्देश्य:
 * धर्म और प्रकृति का समन्वय: इस कॉरिडोर का मुख्य लक्ष्य बनबसा से माता रंकोची तक की घाटी को धर्म, प्रकृति और रोजगार के एक खूबसूरत संगम के रूप में विकसित करना है।
 * आर्थिक समृद्धि: मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भूमि अब केवल आस्था का केंद्र नहीं रहेगी, बल्कि यहाँ के लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि और नए अवसरों की एक नई लहर भी लाएगी। यह धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।
 * पर्यावरण-संवेदनशील विकास: इस परियोजना को सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से एक अद्वितीय मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।

🏞️ पहले चरण में क्या खास? (शारदा घाट पुनर्विकास)
परियोजना के पहले चरण में मुख्य रूप से शारदा घाट का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य शारदा नदी के तट को पर्यावरण-संवेदनशील, स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक स्वरूप प्रदान करना है।

मुख्य कार्य:
 * सुरक्षित स्नान घाट और आरती स्थल: सुरक्षित स्नान की व्यवस्था और भव्य आरती स्थल का निर्माण किया जाएगा। आरती स्थल को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक से बनाया जाएगा, जिसमें रेनवाटर हार्वेस्टिंग और फ्लोर कूलिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएँ होंगी।
 * सुविधाएँ और सौंदर्यीकरण: स्वच्छता एवं विश्राम की सुविधाएँ, सुंदर घाट, सुगम पहुँच मार्ग, पैदल पथ, प्रकाश व्यवस्था और व्यापक सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे।
 * बाढ़ सुरक्षा: बाढ़ प्रतिरोधी संरचनाओं से नदी के प्रवाह को नियंत्रित कर आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

🌟 सीएम धामी का विजन
इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शारदा कॉरिडोर परियोजना केवल भौगोलिक विकास नहीं है, बल्कि यह हमारी आस्था और आत्मा का पुनर्जागरण है। उन्होंने कहा कि सरकार जन-सहभागिता, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के साथ इस कॉरिडोर का विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है।

शारदा कॉरिडोर परियोजना उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर एक नया अध्याय लिखेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। यह विकास का एक ऐसा प्रतीक बनेगा, जहाँ हमारी परंपरा और प्रगति, आस्था और आधुनिकता एक साथ आगे बढ़ेंगे।

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